चर्चा

1/05/2012
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स्थान :: गांधीनगर , गुजरात 
दिनांक :: ३१ दिसंबर ,२०११ 
आयोजक :: गुर्जर समिति , गाँधीनगर 
अध्यक्ष :: प्रोफेसर महावीर सिंह चौहान 
मुख्य अतिथि :: डॉक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल 
स्वागत :: सह मंत्री डॉक्टर कीर्ति कमल 















३१ दिसंबर , २०११ की संध्या गांधीनगर के सार्वजनिक पुस्तकालय में समिति की ओर से पुस्तक "अकथ कहानी प्रेम की " पर एक विशेष आयोजन रखा गया . डॉक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल की इस पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए गुर्जर समिति के अध्यक्ष प्रो. महावीर सिंह चौहान ने अपने वक्तव्य में कहा कि कबीर पर ये पुस्तक अद्भुत है . अभी तक साहित्य जगत कबीर को कवि या समाज सुधारक की दृष्टि से देखता था किन्तु पुरुषोत्तम जी ने अपनी इस पुस्तक में कबीर को आधुनिकता का वाहक मानते हुए उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला है . लेखक के अनुसार कबीर लोक में जिस तरह व्याप्त हैं वह अपनेआप में अनूठा है क्योंकि वे केवल उत्तर भारत तक सिमित नहीं हैं वरन अहिन्दी प्रान्तों महाराष्ट्र , गुजरात आदि प्रान्तों में भी वे लोगों की जुबान पर हैं .

स्वयं पुरुषोत्तम अग्रवाल जी ने अपनी पुस्तक पर बात करते हुए बताया कि इस पुस्तक के लोकार्पण के समय डॉक्टर नामवर सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा था ,"पुरुषोत्तम को इस पुस्तक पर काम करते हुए अधिक समय नहीं हुआ . सिर्फ़ ३६ साल उन्होंने लगाए ." अकथ कहानी प्रेम की" मूलतः औपनिवेशिक चश्मा उतारकर कबीर को नए सन्दर्भों में देखती है .

प्रो . आलोक गुप्त (मंत्री : गुर्जर समिति ) ने कार्यक्रम के अंत में आभार प्रकट करते हुए कि डॉक्टर अग्रवाल का यहाँ आना बहुत महत्त्वपूर्ण है . समिति इस वर्षांत में नए वैचारिक आवाह्न के साथ नए वर्ष का आरम्भ कर रही है . ये सौभाग्य की बात है कि डॉक्टर पुरुषोत्तम जी जैसे क्रन्तिकारी विचारक इस संध्या में हम सभी के साथ हैं .

सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों , अध्यापकों और सुधि जनों ने बहुत गौर से पुस्तक पर दिए अग्रवाल जी के प्रभावशाली और सहज व्याख्यान को सुना .


अनूपा
व्याख्याता हिंदी विभाग , गांधीनगर 


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